भारत ने फहराया सफलता का परचम, सभी 6 स्टूडेंट्स ने जीते गोल्ड मेडल


भारत के इन छह स्टूडेंट्स में अरनव आदित्य सिंह, अथर्व शिवराम महाजन, कृष्णा शर्मा, माहित राजेश गढ़ीवाला, मनप्रीत सिंह व प्रियांशु यादव शामिल हैं.

भारत के इन छह स्टूडेंट्स में अरनव आदित्य सिंह, अथर्व शिवराम महाजन, कृष्णा शर्मा, माहित राजेश गढ़ीवाला, मनप्रीत सिंह व प्रियांशु यादव शामिल हैं.

कतर की राजधानी दोहा में आयोजित 16वें इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलम्पियाड (IJSO) में भारत के स्टूडेंट्स (Students of india) ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है. ओलम्पियाड के 16 साल के इतिहास में अब तक की इस सबसे बड़ी सफलता (Greatest success) हासिल करते हुए भारत सभी 55 देशों में टॉप (Top) पर रहा है.

कोटा. कतर की राजधानी दोहा में आयोजित 16वें इंटरनेशनल जूनियर साइंस ओलम्पियाड (IJSO) में भारत के स्टूडेंट्स (Students of india) ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है. ओलम्पियाड के 16 साल के इतिहास में अब तक की इस सबसे बड़ी सफलता (Greatest success) हासिल करते हुए भारत सभी 55 देशों में टॉप (Top) पर रहा है. ओलम्पियाड में भारत ऐसा अकेला देश रहा है, जिसके सभी 6 स्टूडेंट्स ने गोल्ड मेडल (Gold medal) जीते हैं. ये सभी स्टूडेंट्स कोटा के एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट से हैं.

55 देशों के 322 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि 3 से 11 दिसंबर तक आयोजित इस ओलम्पियाड के फाइनल राउंड में सभी छह स्टूडेंट्स ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल और ट्रॉफी हासिल की है. ओलम्पियाड में 55 देशों के 322 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. भारत के इन छह स्टूडेंट्स में अरनव आदित्य सिंह, अथर्व शिवराम महाजन, कृष्णा शर्मा, माहित राजेश गढ़ीवाला, मनप्रीत सिंह व प्रियांशु यादव शामिल हैं.

होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन ने दी बधाईइनमें से कृष्णा शर्मा ने बहुविकल्पीय प्रश्नों के पेपर में शत प्रतिशत अंक प्राप्त किए. इसके साथ ही प्रायोगिक परीक्षा में भी बॉयलोजी में शत प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं. इस टीम का निर्देशन मुंबई के प्रो.विनायक कठारे, प्रो.चित्रा जोशी तथा एचबीसीएसई के विक्रांत घनेकर ने किया. स्टूडेंट्स की इस उपलब्धि पर होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन की ओर से भी बधाई दी गई है. वहीं इस सफलता के बाद स्टूडेंट्स भी जश्न का माहौल है.

पूर्व में 5 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड है
आईजेएसओ के इस फाइनल राउंड में दो सैद्धांतिक परीक्षाएं हुईं. इनमें बहुविकल्पीय तथा बड़े उत्तर वाले प्रश्न पूछे गए. इनके आलावा एक प्रायोगिक परीक्षा हुई, जिसमें स्टूडेंट्स ने समूह के रूप में प्रदर्शन किया. इससे पहले 2018 में भारतीय टीम का इंटरनेशनल फिजिक्स ओलम्पियाड (आईपीएचओ) में सभी 5 स्टूडेंट्स के 5 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड है.

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